देश में कोरोना को लेकर संघर्ष जारी

 देश में कोरोना को लेकर संघर्ष जारी है और मध्य प्रदेश में भी हर रोज बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं। ऐसे में जबलपुर शहर से राहत देने वाली बड़ी खबर आई है। प्रदेश में सबसे पहला कोरोना पॉजिटिव केस आए दुबई से लौटे सराफा व्यापारी मुकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी ने कोरोना को हराने में सफलता हासिल की है। उनके साथ ही स्विटजरलैंड से लौटे उपनिषद शर्मा स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। उन्हें आज अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अभी उन्हें 14 दिन होम क्वारैंटाइन रहना होगा। इसके साथ ही सराफा व्यापारी की बेटी भी स्वस्थ हैं, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा है। डिस्चार्ज किए गए तीनों मरीजों की दूसरी और तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आई थीं। मध्य प्रदेश में सबसे पहले 4 केस जबलपुर में 20 मार्च को आए थे। 


ज़बलपुर में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 8 मरीजों में से 3 को पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद रविवार को उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सबसे पहले जबलपुर में चार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे, इनमें से एक युवक उपनिषद शर्मा स्विट्जरलैंड से लौटा था, उसने लक्षण समझ आते ही खुद से मेडिकल कॉलेज के अस्पताल जाकर टेस्ट कराया था, जहां उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद से ही उनका मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा था। 


15 दिन के आइसोलेशन के बाद मिली छुट्टी 
उपनिषद शर्मा 15 दिन से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे। अब रविवार को उपनिषद शर्मा को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उपनिषद ने कहा कि उसे डॉक्टरों का भरपूर सहयोग मिला है। उसने लोगों से अपील की है कि कोरोना से लड़ने के लिए आपको डॉक्टरों को ही दोस्त बनाना होगा। डॉक्टरों का भी मानना है कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के चलते इस महामारी से जबलपुर में राहत मिली है। जबलपुर कलेक्टर भरत यादव ने कहा- जबलपुर के लिए अच्छी बात है कि तीन मरीज अच्छे होकर घर पहुंच गए हैं। बस लोगों को लॉकडाउन का पालन करना चाहिए। 


21 मार्च से जबलपुर में लगा दिया था कर्फ्यू 
जबलपुर जिला प्रशासन ने 4 मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने पर 21 मार्च से की कर्फ्यू लगा दिया गया था। प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने सराहनीय कार्य करते हुए जल्द नियंत्रण पा लिया है। मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिलने के बाद मुकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी अपने घर पहुंचे। जहां पर पहले से नगर निगम की टीम ने उनके पूरे घर को सैनिटाइज किया था। शनिवार को की गई तीसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। अग्रवाल दंपति 15 दिन से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे।